यदि आप इस सवाल का जवाब (Mugal Prashasan ke Jamidar ki Kya Bhumika Thi ) इन्टरनेट पर खोज रहे है तो आपको बता दे कि निचे बताए गयी पंक्ति में इसका उत्तर मौजूद है. इसलिए ध्यान “मुगल प्रशासन में जमींदार की क्या भूमिका थी” की जानकारी पढ़े.


मुगल प्रशासन में जमींदार की क्या भूमिका थी? | Mugal Prashasan ke Jamidar ki Kya Bhumika Thi 

उत्तर – यहाँ मुगल प्रशासन में जमींदार की मुख्य भूमिका का जुड़ाव किसानो से और उनके द्वारा उपज से मिलने वाले राजस्व से था. अधिकतर स्थानों पर किसान ग्रामीण कुलीनों यानी ज़मींदारों को अपना राजस्व दिया करते थे. और इकट्ठा किये गये राजस्व को मुगल प्रशासन के जमींदार सरकारी खजाने में जमा करा देते थे. 

मुगल प्रशासन की मुख्य आया का श्रोत वहां के किसानो के द्वारा उगाये गये फसल और उनके राजस्वी से होता था. क्योकि, किसान अपने सारी जामापूंजी या राजस्व को जमींदारो को दे देते थे. और फिर उनसे एकत्रित राजस्व को सरकारी खजाने में जमा कर देते थे.

ncert.nic.in के अनुसार – मुग़लों की आमदनी का प्रमुख साधन किसानों की उपज से मिलने वाला राजस्व था. अधिकतर स्थानों पर किसान ग्रामीण कुलीनों यानी कि मुखिया या स्थानीय सरदारों के माध्यम से राजस्व देते थे.

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